My Blog List indraj raika

मंगलवार, 14 जनवरी 2014


✅ गरीब दूर तक चलता है..... खाना खाने के
लिए......।
✅ अमीर मीलों चलता है..... खाना पचाने के
लिए......।
✅ किसी के पास खाने के लिए..... एक वक्त
की रोटी नहीं है.....
✅ किसी के पास खाने के लिए..... वक्त नहीं है.....।
✅ कोई लाचार है.... इसलिए बीमार है....।
✅ कोई बीमार है.... इसलिए लाचार है....।
✅ कोई अपनों के लिए.... रोटी छोड़ देता है...।
✅ कोई रोटी के लिए..... अपनों को छोड़ देते है....।
✅ ये दुनिया भी कितनी निराळी है। कभी वक्त मिले
तो सोचना....
✅ कभी छोटी सी चोट लगने पर रोते थे.... आज दिल
टूट
जाने पर भी संभल जाते है।
✅ पहले हम दोस्तों के साथ रहते थे... आज
दोस्तों की यादों में रहते है...।
✅ पहले लड़ना मनाना रोज का काम था.... आज एक
बार
लड़ते है, तो रिश्ते खो जाते है।
✅ सच में जिन्दगी ने बहुत कुछ सीखा दिया, जाने कब
हमकों इतना बड़ा बना दिया।
जिंदगी बहुत कम है प्यार से जियो।Web design by indraj raika rajasar <9772776137>indraj raika
.** कबीर के लेटेस्ट दोहे **

ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोये !
सोनिया जब भाषण दे, सारी जनता सोये !!

पंछी करे न चाकरी, अजगर करे न काम !
बुश ने खोदा गड्ढा, निकल पड़ा सद्दाम !!

साईं इतना दीजे, जामे कुटुंब समाये !
मैं भी भूखा न रहू, पुलिस न भूखी जाए !!

गुरु गोविन्द दोनों खड़े, काके लागो पाँय !
आडवाणी जे नाराज हुए, राजनाथ लियो मनाय !!

जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान !
नाच नचावे मन्नू को, सोनिया रानी महान !!

पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय !
कजरी बाबू को छोड़, सारा जग बेईमान होए !!

निंदक नियरे राखिए, ऑंगन कुटी छवाय !
बच्‍चा राहुल बाबा को, सिर्फ पोगो कार्टून भाय !!

माया मुई न मन मुआ, मरी मरी गया सरीर !
मोदी-राज आयेगा, काहे होत अधीर !!

तन को जोगी सब करें, मन को बिरला कोई !
आरक्षण के इस सांप को, मार सका ना कोई !!

पानी केरा बुदबुदा, अस मानुस की जात !
कौन जाने मुलायम मियां, कब पलट दे बात !!

हिन्दू कहें राम पियारा, तुर्क कहें रहमाना !
दंगे होए मरै सभी, भरै नेता खजाना !!

कबीरा खड़ा बाज़ार में, मांगे सबकी खैर !
मोटूराम गडकरी, रोज करेंगे सैर !!

बडा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर !
हिमेश रेशमिया गाये, तेरा तेरा तेरा सुरूर !!

जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होय !
मोदी बने कम्युनल, नितीश सेकुलर होए !!

जहाँ दया तहाँ धर्म हैं, जहाँ लोभ तहाँ पाप !
जहाँ माफ़ी वहाँ काटजू हैं, जहाँ अनशन वहाँ आप !!

.वो हवामहल की हवा,
वो जोधपुर की समा,
वो माऊण्ट आबु की सर्दी,
वो जैसलमेर की गर्मी,
वो कोटा का काँलेज
जहाँ है सिर्फ नाँलेज,
वो उदयपुर के नजारे
जहाँ मिलते हैँ महल सारे,
वो सोजत की मेहन्दी,
वो जयपुर की रजाई,
वो नाथद्वारा का मँदिर,
वो आखा तीज का सावा,
वो डुँगरगढ का मावा,
घुँघट मे सरमाती छोरी और
बीकानेर की कचोरी,
वो मस्ती की बाते
ऐसी है मेरे राजस्थान की यादे।.